कल बात करते हैं!

हर दिन तो इसी पे खतम होता है, की हम कल बात करते है…

यू तो हम बाते करते नहीं है ज्यादा,
पर हर बार कहते कि कल बात करते है…
इतना परेशान होते हैं हम, की कर देते हैं कभी कभी अपनों को ही नजरअंदाज;
दुसरो की परेशानी के वास्ते कह देते हैं की कल बात करते हैं…!

कुछ अनकही बातो के लिये,
कुछ अनकहे सवालों के जवाब के लिये,
बस हम कल ही बात करते हैं

इसीलिए आज के लिये इतना ही है काफी
कहकर हर बार कल ही कल बात करते हैं!

Vitthal Bang


10 Comments

Karishma Shamsundar Mantri · 29 March 2021 at 5:48 pm

💯💯🙌❤

    Vitthal Bang · 30 March 2021 at 6:13 pm

    Thanks dear

Nandini Bang · 29 March 2021 at 6:02 pm

Beautiful poem 😍😍
Keep it up 👍

    Vitthal Bang · 30 March 2021 at 6:13 pm

    Thanks

Puja · 29 March 2021 at 6:05 pm

Really hurt touching poem dear n 100% real also ….zindagi ki yahi reet hai

    Vitthal Bang · 30 March 2021 at 6:14 pm

    Thanks

Priya · 29 March 2021 at 6:19 pm

It’s realistic.

    Vitthal Bang · 30 March 2021 at 6:14 pm

    Yes it’s too realistic

Kamble vaibhavkumar · 30 March 2021 at 5:17 am

Very well said

    Vitthal Bang · 30 March 2021 at 6:15 pm

    Thanks

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